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गोदान भाग - 6

गाँव में ख़बर फैल गयी कि राय साहब ने पंचों को बुलाकर ख़ूब डाँटा और इन लोगों ने जितने रुपए वसूल किये थे, वह सब इनके पेट से निकाल लिये।

वह तो इन लोगों को जेहल भेजवा रहे थे; लेकिन इन लोगों ने हाथ-पाँव जोड़े, थूककर चाटा, तब जाके उन्होंने छोड़ा।

धनिया का कलेजा शीतल हो गया, गाँव में घूम-घूमकर पंचों को लिज्जत करती फिरती थी -- आदमी न सुने ग़रीबों की पुकार, भगवान् तो सुनते हैं।

लोगों ने सोचा था, इनसे डाँड़ लेकर मज़े से फुलौड़ियाँ खायेंगे। भगवान् ने ऐसा तमाचा लगाया कि फुलौड़ियाँ मुँह से निकल पड़ीं। एक-एक के दो-दो भरने पड़े।

गाँव में ख़बर फैल गयी कि राय साहब ने पंचों को बुलाकर ख़ूब डाँटा और इन लोगों ने जितने रुपए वसूल किये थे, वह सब इनके पेट से निकाल लिये।

वह तो इन लोगों को जेहल भेजवा रहे थे; लेकिन इन लोगों ने हाथ-पाँव जोड़े, थूककर चाटा, तब जाके उन्होंने छोड़ा।

धनिया का कलेजा शीतल हो गया, गाँव में घूम-घूमकर पंचों को लिज्जत करती फिरती थी -- आदमी न सुने ग़रीबों की पुकार, भगवान् तो सुनते हैं।

लोगों ने सोचा था, इनसे डाँड़ लेकर मज़े से फुलौड़ियाँ खायेंगे। भगवान् ने ऐसा तमाचा लगाया कि फुलौड़ियाँ मुँह से निकल पड़ीं। एक-एक के दो-दो भरने पड़े।

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गोदान भाग - 6

गाँव में ख़बर फैल गयी कि राय साहब ने पंचों को बुलाकर ख़ूब डाँटा और इन लोगों ने जितने रुपए वसूल किये थे, वह सब इनके पेट से निकाल लिये।

वह तो इन लोगों को जेहल भेजवा रहे थे; लेकिन इन लोगों ने ह...
पाँव जोड़े, थूककर चाटा, तब जाके उन्होंने छोड़ा।

धनिया का कलेजा शीतल हो गया, गाँव में घूम-घूमकर पंचों को लिज्जत करती फिरती थी -- आदमी न सुने ग़रीबों की पुकार, भगवान् तो सुनते हैं।

लोगों ने सोचा था, इनसे डाँड़ लेकर मज़े से फुलौड़ियाँ खायेंगे। भगवान् ने ऐसा तमाचा लगाया कि फुलौड़ियाँ मु...

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