जिंदगी से लेकर मौत तक
देखो जिंदगी भी तो केवल मेहमान है। मौत ही तो हमारी पहचान है।। कोई लाख महलों के सपने दिखाए। लेकिन घर तो सबका ही श्मशान है।
एक तरफ वो लोग जिनकी — ये महफिलों में लुटी रातें, ये झूठ में चलती सासे...
ये तिनके सा आधार लिए जज्बाते, ये दिखावे में डूबे रिश्ते नाते। ये दुनियां भर की बातें। काश हम जिंदगी में ये ढूंढ लाते, काश हम ये भी पा जाते।
और दूसरी तरफ वो — जिन्हे जिंदगी से बार बार रूठना पड़ता है। जिन्हे बेवजह हर शाम टूटना पड़ता है। जिनकी खुशियां कभी जिंदा ही न हुई। जिन्हे अपनी खुशियां द...
देखो जिंदगी भी तो केवल मेहमान है। मौत ही तो हमारी पहचान है।। कोई लाख महलों के सपने दिखाए। लेकिन घर तो सबका ही श्मशान है।
एक तरफ वो लोग जिनकी — ये महफिलों में लुटी रातें, ये झूठ में चलती सासे...