Synopsis
“पहाड़ कहीं नहीं जाते, मैडम…”
किन्नौर की बर्फीली वादियों में शुरू हुई एक ऐसी खामोश मोहब्बत…
जहाँ शब्द कम थे, लेकिन एहसास बहुत गहरे।
एक अमीर शहर की लड़की।
और पहाड़ों में रहने वाला एक सीधा-सादा लड़का।
वो हर बार बस छोटी-छोटी बातों में अपना दिल छोड़ जाता था—
एक कप चाय…
एक खामोशी…
और एक छोटा-सा लाल पत्थर।
मीरा को बहुत देर बाद समझ आया कि कुछ लोग बातें नहीं करते…
बस पूरी जिंदगी किसी के नाम कर देते हैं।
लेकिन तब तक पहाड़ उससे उसका सबसे अपना इंसान छीन चुके थे।
अब उसके पास बस यादें हैं…
एक लाल पत्थर…
और उम्र भर का पछतावा।
एक ऐसी दर्दभरी प्रेम कहानी, जो आपको अंत तक रुला देगी।