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चौथा परिच्छेद

इस तरह करते-करते एक बरस तो बीत गया, लेकिन अब और बीतता नजर नहीं आ रहा था। देवदास की माँ बहत आफत मचाने लगीं। उन्होंने पति को बुला कर कहा“देवदास बिल्कुल मूर्ख हरवाहा हो गया है। चाहे जो हो, इसका कुछनकुछ उपाय करो।”नारायण मुखर्जी ने सोच कर कहा “वह कलककत...

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चौथा परिच्छेद

इस तरह करते-करते एक बरस तो बीत गया, लेकिन अब और बीतता नजर नहीं आ रहा था। देवदास की माँ बहत आफत मचाने लगीं। उन्होंने पति को बुला कर कहा“देवदास बिल्कुल मूर्ख हरवाहा हो गया है। चाह...

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