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पन्द्रहवाँ परिच्छेद

आज दो बरस हुए, चन्द्रमुखी ने अशथझुरी नामक गाँव में अपना मकान बना लिया है। छोटी नदी के किनारे एक ऊँची जगह पर मिट्टी के बने हुए दो साफ कमरे हैं। पास ही एक छप्पर पड़ा है जिसमें काले रंग की एक मोटी-तगड़ी गाय बँधी है। दो कमरों में से एक में रसोई होती ह...

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पन्द्रहवाँ परिच्छेद

आज दो बरस हुए, चन्द्रमुखी ने अशथझुरी नामक गाँव में अपना मकान बना लिया है। छोटी नदी के किनारे एक ऊँची जगह पर मिट्टी के बने हुए दो साफ कमरे हैं। पास ही एक छप्पर पड़ा है जिसमें काल...

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