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गुनाह का गीत

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर बर्बाद मेरी ज़िंदगी!

गुलाबी पाँखुरी पर एक हल्की सुरमई आभा, कि ज्यों करवट बदल लेती कभी बरसात की दुपहर!

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर! तुम्हारे स्पर्श की बादल-घुली कचनार नरमाई!

तुम्हारी चितवनों में नरगिसों की पात शरमाई! तुम्हारे वक्ष की जादूभरी मदहोश गरमाई!

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर बर्बाद मेरी ज़िंदगी!

गुलाबी पाँखुरी पर एक हल्की सुरमई आभा, कि ज्यों करवट बदल लेती कभी बरसात की दुपहर!

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर! तुम्हारे स्पर्श की बादल-घुली कचनार नरमाई!

तुम्हारी चितवनों में नरगिसों की पात शरमाई! तुम्हारे वक्ष की जादूभरी मदहोश गरमाई!

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गुनाह का गीत

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर बर्बाद मेरी ज़िंदगी!

गुलाबी पाँखुरी पर एक हल्की सुरमई आभा, कि ज्यों करवट बदल लेती कभी बरसात की दुपहर!

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर! तुम्हारे स्पर्श की बादल-घुली कचनार न...
ई!

तुम्हारी चितवनों में नरगिसों की पात शरमाई! तुम्हारे वक्ष की जादूभरी मदहोश गरमाई!
इन फ़ीरोज़ी होंठों पर बर्बाद मेरी ज़िंदगी!

गुलाबी पाँखुरी पर एक हल्की सुरमई आभा, कि ज्यों करवट बदल लेती कभी बरसात की दुपहर!

इन फ़ीरोज़ी होंठों पर! तुम्हारे स्पर्श की बादल-घुली कचनार न...

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