गूदड़ साईं
“साईं! ओ साईं!!” एक लड़के ने पुकारा। साईं घूम पड़ा। उसने देखा कि एक आठ वर्ष का बालक उसे पुकार रहा है。आज कई दिन पर उस मुहल्ले में साईं दिखलाई पड़ा है। साईं वैरागी था,—माया नहीं, मोह नहीं। परंतु कुछ दिनों से उसकी आदत पड़ गई थी कि दुपहर को मोहन के घ...
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