खामोशी की गूँज
**वो कहते हैं, "तुम खुश क्यों नहीं रहती?"**वो पूछते हैं अक्सर कि अब मैं मुस्कुराती क्यों नहीं,इतनी खामोश क्यों हूँ, महफ़िल सजाती क्यों नहीं।इसे उनकी शिकायत समझूँ या अपने लिए प्रेम मानूँ?
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