Synopsis
कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं… एहसासों से लिखे जाते हैं।
“वो नन्हे फ़रिश्ते” सिर्फ एक कविता संग्रह नहीं, बल्कि माँ और बच्चे के बीच के उन अनकहे पलों की कहानी है… जिन्हें वक़्त कभी मिटा नहीं पाता।
उन नन्ही हथेलियों का स्पर्श, सुबह की वो मासूम दस्तक, छोटे-छोटे कदमों की आहट, और माँ की बाहों में छुपी पूरी दुनिया — यह पुस्तक हर उस दिल को छू जाएगी जिसने कभी किसी बच्चे को अपने सीने से लगाकर दुनिया भूल जाना महसूस किया हो।
इस भावनात्मक काव्य संग्रह में बचपन की मासूमियत, समय की निष्ठुर रफ़्तार, और यादों की अमिट खुशबू को बेहद कोमल शब्दों में पिरोया गया है।
हर कविता आपको अपने बचपन, अपने बच्चों, या उन पलों तक वापस ले जाएगी… जिन्हें आपने शायद कभी महसूस तो किया था, पर शब्द नहीं दे पाए।
अगर आपने कभी किसी नन्हे हाथ को अपनी उँगली पकड़ते हुए महसूस किया है…
तो यह किताब आपके दिल में हमेशा के लिए बस जाएगी।
“वो नन्हे फ़रिश्ते” — एक ऐसा भावनात्मक सफ़र, जिसे पढ़ते-पढ़ते आपकी आँखें नम और दिल सुकून से भर जाएगा।
एक खूबसूरत काव्य संग्रह by Pagepulses.