Synopsis
कभी-कभी मोहब्बत शादी से नहीं, इंतज़ार से पूरी होती है…
कश्मीर की खूबसूरत वादियों में एक चिनार के पेड़ के नीचे किया गया एक मासूम वादा, चालीस साल तक दो दिलों की धड़कनों में जिंदा रहता है।
विजय फौज में चला जाता है। राधा उसी गाँव में उसका इंतज़ार करती रह जाती है।
हालात बदलते हैं, चिट्ठियाँ बंद हो जाती हैं, लोग बदल जाते हैं… लेकिन एक सूखे चिनार के पत्ते पर लगा सिंदूर कभी फीका नहीं पड़ता।
ये सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि उस मोहब्बत की दास्तान है जो बिना साथ रहे भी उम्रभर निभाई गई।
जहाँ न कोई शादी हुई, न कोई वादा टूटा…
बस वक्त हार गया और इंतज़ार अमर हो गया।
“चिनार” आपको कश्मीर की ठंडी हवाओं, गिरते पत्तों और अधूरी मगर सच्ची मोहब्बत की ऐसी दुनिया में ले जाएगी, जिसे पढ़कर आपकी आँखें नम हो जाएँगी।
अगर आपको भावनाओं से भरी, दिल को छू लेने वाली और आत्मा तक उतर जाने वाली कहानियाँ पसंद हैं…
तो “चिनार” आपके दिल में हमेशा के लिए बस जाएगी।