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देवदास

Love Free 168

By शरत्‌चन्द्र चट्टोपाध्याय

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Synopsis
देवदास केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि अधूरे प्रेम, टूटे सपनों और दर्द से भरे दिल की ऐसी अमर दास्तान है जो पाठकों की आत्मा को छू जाती है। देवदास के हर पन्ने में प्यार, त्याग, अहंकार और बिछड़ने की गहरी पीड़ा छिपी है।

महान साहित्यकार शरत्‌चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित यह कालजयी उपन्यास देवदास, पारो और चंद्रमुखी के जज़्बातों को इतनी सच्चाई से दर्शाता है कि पाठक खुद को कहानी का हिस्सा महसूस करने लगता है। समाज की बंदिशें, अधूरा प्रेम और आत्मविनाश की ओर बढ़ता एक संवेदनशील हृदय — यही “देवदास” की असली पहचान है।

अगर आप ऐसी कहानी पढ़ना चाहते हैं जो दिल को झकझोर दे, आंखों में नमी ला दे और लंबे समय तक याद रहे, तो देवदास आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित होगी। यह उपन्यास आज भी लाखों पाठकों के दिलों में ज़िंदा है और भारतीय साहित्य की सबसे भावुक प्रेम कहानियों में गिना जाता है।

Chapters

01
पहला-परिच्छेद
02
दूसरा परिच्छेद
03
तीसरा परिच्छेद
04
चौथा परिच्छेद
05
पाँचवाँ परिच्छेद
06
छठा परिच्छेद
07
सातवाँ परिच्छेद
08
आठवाँ परिच्छेद
09
नवाँ परिच्छेद
10
दसवाँ परिच्छेद
11
ग्यारहवाँ परिच्छेद
12
बारहवाँ परिच्छेद
13
तेरहवाँ परिच्छेद
14
चौदहवाँ परिच्छेद
15
पन्द्रहवाँ परिच्छेद
16
सोलहवाँ परिच्छेद